Devi Annapurna Stotram Lyrics in Hindi With PDF

Shri Annapurna Stotram in Hindi :- क्या आप अन्नपूर्णा स्तोत्र हिंदी भाषा में पढ़ना चाहते हैं?,अगर आपका जवाब हां है तो यह पोस्ट सिर्फ आपके लिए है। अन्नपूर्णा स्तोत्र हिन्दी धर्म का एक ऐसा स्तोत्र है जो बहुत ही प्रभावशाली और फलदायी स्तोत्र माना जाता है। 

Devi Annapurna Stotram Lyrics in Hindi

मां अन्नपूर्णा इस संसार की अन्न देवी हैं। क्या आप जानते हैं कि मां अन्नपूर्णा को अन्य नामों से भी जाना जाता है जिनका विवरण इस प्रकार है:- जिनका विवरण इस प्रकार है:- देवी विश्व शक्ति, देवी पार्वती, माता विश्वशक्ति आदि। माता अन्नपूर्णा के पति कोई और नहीं बल्कि देवताओं के देवता महादेव (शिव) हैं। 

भारत में देवी अन्नपूर्णा की जयंती तथा शोभायात्रा निकाली जाती है, इस दिन को अन्नपूर्णा जयंती के रूप में जाना जाता है। सेदेश के कोने-कोने में देवी अन्नपूर्णा के मंदिर हैं, जिनमें से एक मंदिर प्राचीन काल से लोकप्रिय है, जो काठमांडू में स्थापित है। यह था मां अन्नपूर्णा का वर्णन।

अब मैं आपको अपने बारे में थोड़ा बताता हूँ । दरअसल मेरा नाम शिवपूजन है और मुझे हिन्दू धर्म के बारे में विभिन्न प्रकार से जानकारियाँ प्राप्त करते हुए 10 (years) saal हो गये है। मैंने बचपन से ही भगवान से प्यार किया है।

 अब मैं हिंदू धर्म के सभी प्रकार के भजन, चालीसा, मंत्र जाप आदि का वर्णन करता हूं। शोध के दौरान हमने पाया कि कई stotra, mantra, chalisa आदि के तहत पीडीएफ सुविधा बहुत कम उपलब्ध है। हम आपसे वादा करते हैं कि हम आपको हर स्तोत्र, चालीसा, मंत्र आदि के तहत PDF सुविधा प्रदान करेंगे। 

हमारा एक प्रश्न है। आप से?, क्या आप केवल ऑनलाइन ही annapurna stotram ko पढ़ना चाहते हैं, हमें ऐसा नहीं लगता। आपकी श्रद्धा और भक्ति से हम अनुमान लगा सकते हैं कि आप annapurna stotra को ऑफलाइन भी पढ़ना चाहते हैं।

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Read Annapurna Stotram Lyrics | श्री अन्नपूर्णा स्तोत्र के बोल पढ़ें 

||Shri Annapurna Stotram ||

 नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी
निर्धूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी ।

प्रालेयाचलवंशपावनकरी काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥१॥

नानारत्नविचित्रभूषणकरी हेमाम्बराडम्बरी
मुक्ताहारविलम्बमानविलसद्वक्षोजकुम्भान्तरी ।

काश्मीरागरुवासिताङ्गरुचिरे काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥२॥

योगानन्दकरी रिपुक्षयकरी धर्मार्थनिष्ठाकरी
चन्द्रार्कानलभासमानलहरी त्रैलोक्यरक्षाकरी ।

सर्वैश्वर्यसमस्तवाञ्छितकरी काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥३॥

कैलासाचलकन्दरालयकरी गौरी उमा शङ्करी
कौमारी निगमार्थगोचरकरी ओङ्कारबीजाक्षरी ।

मोक्षद्वारकपाटपाटनकरी काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥४॥

दृश्यादृश्यविभूतिवाहनकरी ब्रह्माण्डभाण्डोदरी
लीलानाटकसूत्रभेदनकरी विज्ञानदीपाङ्कुरी ।

श्रीविश्वेशमनःप्रसादनकरी काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥५॥

उर्वीसर्वजनेश्वरी भगवती मातान्नपूर्णेश्वरी
वेणीनीलसमानकुन्तलहरी नित्यान्नदानेश्वरी ।

सर्वानन्दकरी सदा शुभकरी काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥६॥

आदिक्षान्तसमस्तवर्णनकरी शम्भोस्त्रिभावाकरी
काश्मीरात्रिजलेश्वरी त्रिलहरी नित्याङ्कुरा शर्वरी ।

कामाकाङ्क्षकरी जनोदयकरी काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥७॥

देवी सर्वविचित्ररत्नरचिता दाक्षायणी सुन्दरी
वामं स्वादुपयोधरप्रियकरी सौभाग्यमाहेश्वरी ।

भक्ताभीष्टकरी सदा शुभकरी काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥८॥

चन्द्रार्कानलकोटिकोटिसदृशा चन्द्रांशुबिम्बाधरी
चन्द्रार्काग्निसमानकुन्तलधरी चन्द्रार्कवर्णेश्वरी ।

मालापुस्तकपाशासाङ्कुशधरी काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥९॥

क्षत्रत्राणकरी महाऽभयकरी माता कृपासागरी
साक्षान्मोक्षकरी सदा शिवकरी विश्वेश्वरश्रीधरी ।

दक्षाक्रन्दकरी निरामयकरी काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥१०॥

अन्नपूर्णे सदापूर्णे शङ्करप्राणवल्लभे ।
ज्ञानवैराग्यसिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति ॥११॥

माता च पार्वती देवी पिता देवो महेश्वरः ।
बान्धवाः शिवभक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम् ॥१२॥

Read Devi Annapurna Stotram in Other Languages :

Download The PDF File of Devi Annapurna Stotram | देवी अन्नपूर्णा स्तोत्र का पीडीएफ फाइल

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अगर आपका मोबाइल इंटरनेट काम नहीं कर रहा है या इंटरनेट डाउन है तो आप इस PDF के जरिए devi annapurna stotra को hindi me बिना किसी रुकावट के पढ़ सकते हैं।

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Watch The Video of Shri Annapurna Stotram | देवी अन्नपूर्णा स्तोत्रं के बोल का वीडियो देखे

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आप प्ले बटन पर क्लिक करके shri annapurna stotram के बोल बजाना शुरू कर सकते हैं। इस वीडियो के माध्यम से annapurna stotram  को hindi में देखने और पढ़ने का आनंद लें।


Benifits of Annapurna Stotram | अन्नपूर्णा स्तोत्र के लाभ

  • मां अन्नपूर्णा की कृपा सदा बनी रहे
  • नकारात्मक विचारों से छुटकारा
  •   भोजन की कमी नहीं
  • आपदा नहीं आती
  • पाठ के दौरान चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • आत्मविश्वास बढ़ता है

Frequently Asked Questions | अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल

देवी अन्नपूर्णा मंत्र क्या है?

ॐ अन्नपूर्णा सदा पूर्णा शंकर प्राणवल्लभे ज्ञान विज्ञान सिध्यर्थम भिक्षाम देही च पार्वती ।

देवी अन्नपूर्णा के पति कौन हैं?

देवी अन्नपूर्णा के पति बाबा भोलेबाथ (शिव) हैं।

कौन हैं मां अन्नपूर्णा?

देवी अन्नपूर्णा हिंदू धर्म में भोजन की देवी हैं। मां अन्नपूर्णा शिव देवी हैं जो देवी पार्वती का अवतार हैं।

अन्नपूर्णा स्तोत्र के लेखक कौन हैं?

अन्नपूर्णा स्तोत्र के रचयिता आदि गुरु शंकराचार्य जी हैं, उन्होंने हमारे हिंदू धर्म में बहुत योगदान दिया है।

देवी अन्नपूर्णा स्तोत्र को कैसे सिद्ध करें और इसका जाप कैसे करें?

  1. सबसे पहले ताजे पानी से नहाएं
  2. साफ कपड़े पहनें
  3. मां अन्नपूर्णा की मूर्ति और चित्र स्थापित करें
  4. गेंदा और गुलाब आदि के फूल चढ़ाएं।
  5. देसी घी तथा तिल के तेल से ज्योत जलाये 
  6. मन में माँ अन्नपूर्णा का नाम लेकर स्तोत्र को आरम्भ करे

देवी अन्नपूर्णा स्तोत्रम का जाप किस समय करें?

आप दिन में किसी भी समय मां अन्नपूर्णा स्तोत्र का जाप कर सकते हैं। लेकिन किसी भी स्तोत्र मंत्र आदि का जाप करने का शुभ मुहूर्त केवल सुबह और शाम के समय ही माना जाता है। आपको सुबह के समय देवी अन्नपूर्णा स्तोत्र का जाप करना चाहिए।

अन्न देवता कौन है?

सबसे पहले हम आपको बता दें कि भोजन का कोई देवता नहीं है, बल्कि भोजन की देवी है। जिन्हें इस संसार में देवी अन्नपूर्णा के नाम से जाना जाता है, जो माता पार्वती का एक नाम है।

( ध्यान दें)

अंत में हम यही सुझाव देना चाहेंगे कि आप इस स्तोत्र की पीडीएफ फाइल को डाउनलोड कर लें। ताकि आप बिना किसी रुकावट के भजन पढ़ने का आनंद उठा सकें।

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