Shri Venkatesh Stotra Lyrics in Sanskrit | PDF - श्री व्यंकटेश

 

Shri Venkatesh Stotra in Sanskrit

Shri Venkatesh Stotra Lyrics in Sanskrit :- व्यंकटेश स्तोत्र sanskrit भाषा में पढ़ने से पहले श्री  व्यंकटेश  देवता जी के बारे में जान लें। आपको बता दें कि हमारे प्रिय श्री व्यंकटेश महाराज जी और श्री विष्णु जी के अवतारों में से एक है। श्री व्यंकटेश जी इस संसार की सात पहाड़ियों के देवता हैं। श्री व्यंकटेश मंदिर न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी स्थापित है। श्री व्यंकटेश देवता जी के अन्य नाम भी मौजूद हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है:- श्री गोविंदा, श्री पेरुमल, श्री निवास, श्री तिरुपति आदि। यह श्री व्यंकटेश देवता के बारे में वर्णन था।

दरअसल मेरा नाम शिवपूजन है और मुझे हिन्दू धर्म के बारे में विभिन्न प्रकार से जानकारियाँ प्राप्त करते हुए 10 (years) saal हो गये है। मैंने बचपन से ही भगवान से प्यार किया है। अब मैं हिंदू धर्म के सभी प्रकार के भजन, चालीसा, मंत्र जाप आदि का वर्णन करता हूं। शोध के दौरान हमने पाया कि कई stotra, mantra, chalisa आदि के तहत पीडीएफ सुविधा बहुत कम उपलब्ध है। हम आपसे वादा करते हैं कि हम आपको हर स्तोत्र, चालीसा, मंत्र आदि के तहत PDF सुविधा प्रदान करेंगे। 

हमारा एक प्रश्न है। आप से?, क्या आप केवल ऑनलाइन ही Shri Venkatesh Stotra पढ़ना चाहते हैं, हमें ऐसा नहीं लगता।

आपकी श्रद्धा और भक्ति से हम अनुमान लगा सकते हैं कि आप Venkatesh stotra को ऑफलाइन भी पढ़ना चाहते हैं। इसलिए आपकी सेवा को ध्यान में रखते हुए हमने Venkatesh stotra PDF की सेवा उपलब्ध कराई है। आप दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करके Venkatesh stotra को download कर सकते हैं। आइए अब हम एक साथ sanskrit में shri venkatesh stotra का जाप करें।

श्री व्यंकटेश स्तोत्र के बोल | Shri Venkatesh stotra lyrics (sanskrit)

॥ Shri Venkatesh Stotra॥

कमलाकुच चूचुक कुंकमतो
नियतारुणि तातुल नीलतनो ।

कमलायत लोचन लोकपते
विजयीभव वेंकट शैलपते ॥ 1 ॥ 

सचतुर्मुख षण्मुख पंचमुखे
प्रमुखा खिलदैवत मौलिमणे ।

शरणागत वत्सल सारनिधे
परिपालय मां वृष शैलपते ॥ 2 ॥ 

अतिवेलतया तव दुर्विषहै
रनु वेलकृतै रपराधशतैः ।

भरितं त्वरितं वृष शैलपते
परया कृपया परिपाहि हरे ॥ 3 ॥ 

अधि वेंकट शैल मुदारमते-
र्जनताभि मताधिक दानरतात् ।

परदेवतया गदितानिगमैः
कमलादयितान्न परंकलये ॥ 4 ॥ 

कल वेणुर वावश गोपवधू
शत कोटि वृतात्स्मर कोटि समात् ।

प्रति पल्लविकाभि मतात्-सुखदात्
वसुदेव सुतान्न परंकलये ॥ 5 ॥ 

अभिराम गुणाकर दाशरधे
जगदेक धनुर्थर धीरमते ।

रघुनायक राम रमेश विभो
वरदो भव देव दया जलधे ॥ 6 ॥ 

अवनी तनया कमनीय करं
रजनीकर चारु मुखांबुरुहम् ।

रजनीचर राजत मोमि हिरं
महनीय महं रघुराममये ॥ 7 ॥ 

सुमुखं सुहृदं सुलभं सुखदं
स्वनुजं च सुकायम मोघशरम् ।

अपहाय रघूद्वय मन्यमहं
न कथंचन कंचन जातुभजे ॥ 8 ॥ 

विना वेंकटेशं न नाथो न नाथः
सदा वेंकटेशं स्मरामि स्मरामि ।

हरे वेंकटेश प्रसीद प्रसीद
प्रियं वेंकटॆश प्रयच्छ प्रयच्छ ॥ 9 ॥ 

अहं दूरदस्ते पदां भोजयुग्म
प्रणामेच्छया गत्य सेवां करोमि ।

सकृत्सेवया नित्य सेवाफलं त्वं
प्रयच्छ पयच्छ प्रभो वेंकटेश ॥ 10 ॥ 

अज्ञानिना मया दोषा न शेषान्विहितान् हरे ।
क्षमस्व त्वं क्षमस्व त्वं शेषशैल शिखामणे ॥ 11 ॥ 

इति श्री व्यंकटेश स्तोत्र संपूर्ण:॥


श्री व्यंकटेश स्तोत्र के लाभ | Benefits of Sri Venkatesh Stotra

  • इस जन्म के सारे पाप धुल जाते हैं
  • दुखों से मुक्ति मिलती है
  •  जीवन में सुख-शांति बनी रहती है
  • भगवान विष्णु की कृपा आप पर सदैव बनी रहती है
  • पाठ के दौरान चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

श्री व्यंकटेश स्तोत्र की पीडीएफ | PDF of Shri Venkatesh Stotra Lyrics in Sanskrit

हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से पीडीएफ डाउनलोड करने की सेवा प्रदान कर रहे हैं।

अगर आपका मोबाइल इंटरनेट काम नहीं कर रहा है या इंटरनेट डाउन है तो आप इस पीडीएफ के जरिए वेंकटेश स्तोत्र को बिना किसी रुकावट के पढ़ सकते हैं।

हम अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हैं कि हमें आपकी सेवा करने का अवसर मिला। श्री व्यंकटेश स्तोत्र पीडीएफ डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करें।


श्री व्यंकटेश का वीडियो देखें | Watch the Video of Shri Venkatesh Stotra

अगर आप व्यंकटेश स्तोत्र पढ़ने के अलावा वीडियो देखने के इच्छुक हैं। वीडियो देखने के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है।

आपकी सेवा को ध्यान में रखते हुए हमने YouTube की सहायता से व्यंकटेश स्तोत्र वीडियो Sanskrit में आपके सामने प्रस्तुत किया है।

आप प्ले बटन पर क्लिक करके व्यंकटेश स्तोत्र के बोल बजाना शुरू कर सकते हैं। इस वीडियो के माध्यम से व्यंकटेश स्तोत्र को sanskrit में देखने और पढ़ने का आनंद लें।


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अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल | Frequently Asked Questions


श्री  व्यंकटेश स्तोत्र का जप और सिद्धि कैसे करें?
पहले आप स्नान कर लें। इसके बाद साफ कपड़े पहन लें। इन सभी क्रियाओं को करने के बाद श्री व्यंकटेश जी के स्वरूप को लक्कड़ के पद पर स्थापित कर पुष्प अर्पित करें। अंत में भगवान विष्णु और उनके अवतार श्री वेंकटेश का नाम मन में लेकर उनके स्तोत्र का जप शुरू करें।

श्री व्यंकटेश का मंत्र क्या है?
श्री व्यंकटेश:-  श्री नमो वेंकटेश नमो नारायणाय।

श्री व्यंकटेश देवता किसके अवतार हैं?
श्री व्यंकटेश भगवान विष्णु के अवतार हैं।

व्यंकटेश  स्तोत्र का जाप किस समय करें?
श्री व्यंकटेश  स्तोत्र का पाठ सुबह-शाम करना चाहिए। प्रातः काल जप करने का प्रयास करें। प्रातः काल जप करना शुभ माना जाता है।

भगवान व्यंकटेश देवता की कितनी पत्नियां थीं और उनके नाम क्या हैं?
श्री व्यंकटेश देवता जी की दो पत्नियां हैं। जिनके नाम श्री देवी और भूदेवी हैं।

( ध्यान दें)


अंत में हम यही सुझाव देना चाहेंगे कि आप इस स्तोत्र की पीडीएफ फाइल को डाउनलोड कर लें। ताकि आप बिना किसी रुकावट के भजन पढ़ने का आनंद उठा सकें।

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